4 घंटों में वो मुंबईवालों का दिल जीत लिया
लेख:- CG4भड़ास.कॉम
लंबे समय से उत्तर भारतीयों को लेकर मातोश्री में लिखी जा रही पटकथा के पन्नों को आज एक ऐसी आंधी उड़ा ले गई, जिसे हवा का कमज़ोर झोंका समझा जा रहा था। कांग्रेस का ये बांका सजीला नौजवान नेता लंबे समय से देश को समझने में लगा है और लगातार की जा रही अपनी ईमानदार कोशिशों से अब देश भी उसे समझने लगा है। सियासत के मौजूदा ट्रेंड से हटकर 'नेता' शब्द की खोई परिभाषा को हासिल करने के लिए राहुल गांधी जुटे हुए हैं। पटना का वीमेन्स कॉलेज हो, जबलपुर का सेंट अलॉयसियस या फिर मुंबई का भाईदास हॉल... हर मौक़े पर राहुल टीनएजर्स और युवाओं में ख़्वाब जगाते दिखे।
सरकार नाराज हैं, स्पेशल रिपोर्ट गिरा दो!
लेख:- CG4भड़ास.कॉम
जी न्यूज का एक फ्रेंचाइजी न्यूज चैनल है। रायपुर में इसका मुख्यालय है। नाम है 'जी 24 घंटे छत्तीसगढ़'। इस चैनल ने 9 अक्टूबर को एक विशेष खबर का प्रोमो बनवाया। प्रोमो में कहा गया कि 'देखना न भूलिए आज रात साढ़े नौ बजे, बिजली पर विशेष प्रोग्राम।' साथ में यह भी कहा गया है कि... 'छत्तीसगढ़ सरकार के दावों का है बुरा हाल, ये कैसा पावर हब है, चिराग तले ही है अंधेरा, आखिर कहां गई बिजली...आदि-आदि।' पर जाने क्या हुआ, रात साढ़े नौ बजे वह विशेष प्रोग्राम प्रसारित ही नहीं किया गया। सूत्र कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने चैनल मालिक को हड़का लिया। इशारा कर दिया कि वो दिन न भूलो जब ऐसी ही एक खबर दिखान के कारण तुम लोगों की क्या दशा हुई थी। तब चैनल मालिक के उद्योग की बिजली काट दी गई थी और घर से लेकर चैनल तक को नपवा दिया गया था।







बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार साल के शासन के दौरान अपने सुशासन के प्रचार-प्रसार में सौ करोड़ रुपये फूंक दिये। हरियाणा के सीएम ने पिछले साल चुनाव के ऐलान से ऐन पहले के ढाई महीने में अपनी सफलता के गीत गाने में अस्सी करोड़ रुपये फूंके थे। महाराष्ट्र सरकार ने चुनावी साल यानी 2009 में करीब दो सौ करोड़ रुपये प्रचार प्रसार में फूंक कर बताया कि उसने कितने कमाल का काम महाराष्ट्र के लिये किया है। केन्द्र सरकार के डीएवीपी ने पिछले साल जुलाई-अगस्त में यानी सिर्फ दो महीने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के महिमागान में दो करोड़ 97 लाख 70 हजार 498 रुपये फूंक दिए। बीते साल मायावती ने सवा सौ करोड़ तो नरेन्द्र मोदी ने डेढ़ सौ करोड़ रुपये प्रचार प्रसार में खर्च कर यह बताया कि उनके कामकाज से राज्य कितना खुशहाल हुआ है और आगे भी कैसी तरक्की करेगा।
कैट की ऑनलाइन परीक्षा बहुत सारे कारणों से चर्चा में रही अब एक और मामला सामने आया है घटना भोपाल की है भोपाल. राजधानी में कैट की ऑनलाइन परीक्षा के लिए बनाए गए सेंटर टेक्नोक्रेटस इंस्टीटच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) में जांच के बहाने लड़कियों के कपड़े उतरवाने पर बवाल मच गया है। घबराई लड़कियों और उनके परिजनों ने इसे लेकर आपत्ति उठाई है। राजधानी में कैट की ऑनलाइन परीक्षा के लिए बनाए गए सेंटर टेक्नोक्रेटस इंस्टीटच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पर नकल रोकने के लिए होने वाली जांच की आड़ में लड़कियों की आपत्तिजनक चेकिंग की जा रही थी। लड़कियों और उनके परिवारजनों ने आरोप लगाया है कि चेकिंग की आड़ में जांच करने वाली शिक्षिका पहले तो ऊपर के कपड़े उतरवा रही थी, इसके बाद शरीर को कहीं भी छू रही थी। जब लडकियों ने आपत्ति ली तो शिक्षिका का कहना था कि हमें ऊपर से आदेश है तब हम ऐसी जांच कर रहे हैं। 















