CG4भड़ास
बाबा बोले, वही ठीक...
छत्तीसगढ़ की संस्कृति सीधे सरल शब्दों में यह है कि जो अच्छा लगे उसे अपना लो, बुरा लगे सो जाने दो... इस संस्कृति का परिपालन यहां का हर वाशिंदा करता है और जो इस प्रदेश में सरकार चलाए वह भी इसी संस्कृति के तहत ही व्यवहार कर सकता है। संभवत: इसीलिए हाल ही एक समारोह में दो विधाओं के दिग्गजों के बीच टकराव की जगह परस्पर सम्मान का भाव प्रकट हुआ और एक विवाद उत्पन्न होने से बच गया। यदि वह स्थिति छत्तीसगढ़ के अलावा कहीं और निर्मित हुई होती तो पक्के तौर पर यह वैचारिक अवरोध दुनियाभर में चर्चित हो गया होता।
छत्तीसगढ में कितने बाबूलाला ...
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक हफ्ते पूर्व एक ही रोज आयकर विभाग ने तीन आईएएस अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी। तीनों अफसरों के यहां से आयकर विभाग को जितनी संपत्ति के दस्तावेजों तथा नकद रकम की बरामदगी हुई उसे अनुपातहीन संपत्ति माना गया। फर्क यह कि मध्यप्रदेश शासन ने आयकर विभाग की कार्रवाई के आधार पर अपने दो वरिष्ठ आईएएस अफसरों श्रीमती टीनू जोशी तथा उनके पति श्री जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जबकि छत्तीसगढ़ में इसी आधार पर कृषि सचिव बाबूलाल अग्रवाल को निलंबित करने में एक सप्ताह का वक्त लग गया। एक फर्क यह भी है कि जोशी दंपति के यहां छापे की कार्यवाही कम समय में सिमट गयी, जबकि छत्तीसगढ़ के बाबूलाल के यहां इस कार्रवाई में काफी वक्त लगा क्योंकि प्रक्रिया लम्बी चली और उसमें भी कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन 10 फरवरी को आखिरकार आयकर विभाग की ओर से मुख्य सचिव पी जाय उम्मेन को दूरभाष पर मौखिक विवरण उपलब्ध करा दिया गया।
मीडिया बिका हुआ है .....?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार साल के शासन के दौरान अपने सुशासन के प्रचार-प्रसार में सौ करोड़ रुपये फूंक दिये। हरियाणा के सीएम ने पिछले साल चुनाव के ऐलान से ऐन पहले के ढाई महीने में अपनी सफलता के गीत गाने में अस्सी करोड़ रुपये फूंके थे। महाराष्ट्र सरकार ने चुनावी साल यानी 2009 में करीब दो सौ करोड़ रुपये प्रचार प्रसार में फूंक कर बताया कि उसने कितने कमाल का काम महाराष्ट्र के लिये किया है। केन्द्र सरकार के डीएवीपी ने पिछले साल जुलाई-अगस्त में यानी सिर्फ दो महीने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के महिमागान में दो करोड़ 97 लाख 70 हजार 498 रुपये फूंक दिए। बीते साल मायावती ने सवा सौ करोड़ तो नरेन्द्र मोदी ने डेढ़ सौ करोड़ रुपये प्रचार प्रसार में खर्च कर यह बताया कि उनके कामकाज से राज्य कितना खुशहाल हुआ है और आगे भी कैसी तरक्की करेगा।
प्रशासनिक अधिकारी का पुत्र - मीडिया प्रतिनिधि कर रहे है शहर में वसूली
कांकेर । प्रसार भारती, भारतीय प्रसारण निगम भारत सरकार केन्द्र निदेशालय के केवल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम को बलाये ताक पर रखकर स्थानीय जिला कलेक्टर के अधीन आबकारी विभाग में शहर के पांच पंजीकृत केबल संचालकों द्वारा बेखौफ अपने-अपने पसंदीदा चैनलों का प्रसारण मनमाने ढंग से किया जा रहा है, जिससे केबल उपभोक्ता चाहकर भी अपनी पसंद का चैनल नहीं देख पाते हैं। बात यहीं तक नहीं रूकी है इसके आगे का आलम यह है कि सेवा शुल्क के नाम पर केबल उपभोक्ताओं से मनमानी राशि भी प्रतिमाह वसूली की जा रही है, जिसकी न तो कोई पंजीकृत रसीदें वापस उपभोक्ताओं को दी जाती है, और न ही किसी प्रकार की सुविधा उन्हें दी जाती है ।
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4 घंटों में वो मुंबईवालों का दिल जीत लिया
लंबे समय से उत्तर भारतीयों को लेकर मातोश्री में लिखी जा रही पटकथा के पन्नों को आज एक ऐसी आंधी उड़ा ले गई, जिसे हवा का कमज़ोर झोंका समझा जा रहा था। कांग्रेस का ये बांका सजीला नौजवान नेता लंबे समय से देश को समझने में लगा है और लगातार की जा रही अपनी ईमानदार कोशिशों से अब देश भी उसे समझने लगा है। सियासत के मौजूदा ट्रेंड से हटकर 'नेता' शब्द की खोई परिभाषा को हासिल करने के लिए राहुल गांधी जुटे हुए हैं। पटना का वीमेन्स कॉलेज हो, जबलपुर का सेंट अलॉयसियस या फिर मुंबई का भाईदास हॉल... हर मौक़े पर राहुल टीनएजर्स और युवाओं में ख़्वाब जगाते दिखे।
माननीय उच्च न्यायलय को गुस्सा आया
माननीय उच्च न्यायलय उत्तर प्रदेश ईलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ के न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति सतीश चन्द्र मिश्रा दो नामो से दायर याचिका को ख़ारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं पर दस-दस लाख का जुर्माना ठोका तथा याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं पर भी 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और जिला अधिकारी सिद्दार्थनगर को आदेशित किया है की एक माह के अन्दर जुर्माना वसूल कर लिया जाए इस फैसले के पीछे तर्क यह लिया गया है कि याचिकाकर्ताओं ने गलत याचिकाएं दाखिल कर न्यायलय के समय को बर्बाद किया है । न्यायलय के आदेश की हम कोई आलोचना नहीं कर रहे हैं लेकिन न्यायलय को राज्य द्वारा किये गए अधिकांश वाद, जो फर्जी साबित होते हैं उनपर भी राज्य के खिलाफ इस तरह की कठोर कार्यवाही करनी चाहिए ।
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छत्तीसगढ में कितने बाबूलाला ... मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़...
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